
हौसलों की उड़ान: खाण्डी की कविता राजपुरोहित ने लॉन्ग जंप में जीता ब्रॉन्ज, पाली का बढ़ाया मान
पाली/रोहट। जब चुनौतियाँ शरीर से ज़्यादा मन को तोड़ने की कोशिश करें, तब असली जीत पदक में नहीं, बल्कि हौसलों में होती है। इसी जज़्बे की मिसाल बनी हैं पाली जिले की पंचायत समिति रोहट, ग्राम पंचायत खाण्डी के हरावास स्थित पुरोहितों की ढाणी (हरावास) की होनहार पैरा एथलीट कविता राजपुरोहित, पुत्री श्री मागू सिंह राजपुरोहित।
श्रीगंगानगर के महाराजा गंगासिंह स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कविता ने लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज पदक जीतकर न केवल अपने संघर्ष को नई पहचान दी, बल्कि पाली जिले का नाम भी गर्व से ऊँचा किया।
कविता जन्मजात दिव्यांग हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक पीड़ा को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। मैदान में उतरने से पहले उन्होंने मन के हर डर को हराया और यह साबित किया कि सीमाएँ शरीर में हो सकती हैं, सपनों में नहीं। लॉन्ग जंप में शानदार छलांग लगाते हुए उन्होंने पदक अपने नाम किया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस उपलब्धि पर जन सेवक नरपत सिंह राजपुरोहित ने उन्हें बधाई देते हुए कहा—
“कविता की यह जीत हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो संघर्ष में हौसला खोज रहा है।”ग्राम पंचायत खाण्डी के ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और समाज के गणमान्य नागरिकों ने कविता का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कविता की इस जीत ने संदेश दिया —
दर्द अगर जन्म से मिला हो या जीवन में किसी हादसे से, उसे ताकत में बदल देना ही असली चैंपियन की पहचान है।





